ट्रैफिक नियम तोड़ने पर चाबी नहीं निकाल सकता कॉन्स्टेबल जाने क्या है कानून

इंडियन मोटर व्हीकल एक्ट 1932 के मुताबिक ट्रैफिक नियन तोड़ने पर केवल असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर ही फाइन लगा सकता है. ट्रैफिक कॉन्स्टेबल केवल मदद कर सकता है.

 

इलाहाबाद हाई कोर्ट में वकील कृपेश मिश्रा ने कहा कि मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 के मुताबिक ड्राइवर के बिना परमिशन के ट्रैफिक पुलिस गाड़ी से चाबी या टायर से हवा नहीं निकाल सकता है. यदि आपके साथ ऐसी घटना होती है तो आपको घटना की रिकॉर्डिंग करके नजदीकी थाना में वरिष्ठ अधिकारी के पास शिकायत करनी चाहिए.

ट्रैफिक से जुडी कुछ खास बातें जो आपको पता होनी चाहिए

ड्राइवर पर जुर्माने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास चालान बुक या एक ई-चालान मशीन होना अनिवार्य है. अगर चालान बुक या ई-चालान मशीन न हो जुर्माना नहीं लगाया जा सकता है.

 

इंडियन मोटर व्हीकल एक्ट 1932 के मुताबिक ट्रैफिक नियन तोड़ने पर केवल असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर ही फाइन लगा सकता है. इस दौरान ट्रैफिक कॉन्स्टेबल केवल मदद कर सकता है.

 

एक ट्रैफिक पुलिस हेड कॉन्स्टेबल अधिकतम केवल 100 रुपए का जुर्माना लगा सकता है. केवल एक ASIs या SIs ही 100 रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगा सकता है.

 

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अगर आपके पास जुर्माने की रकम नहीं है, तो इसका भुगतान बाद में भी किया जा सकता है. इसके लिए कोर्ट चालान जारी करता है. इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस जमा कर लेती है.

 

ट्रैफिक पुलिस को ड्यूटी के दौरान वर्दी पहननी चाहिए, जिसपर उसका नाम होना चाहिए.

 

ऐसी परिस्थितयों से बचने के लिए ड्राइवर को यात्रा के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस, PUC सर्टिफिकेट, समेत अन्य जरूरी कागजात साथ में रखना चाहिए. इसके अलावा ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए. इसके अलावा जरूरी ट्रैफिक नियमों का भी पालन करना चाहिए.

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