समय है संघर्ष का
साथ मिलकर चलने का
ऐहतियात बरतने का
सूझ बूझ से काम करने का
एक हौसला बुलंद करने का
घर में तो सुरक्षित होना
परिवार के साथ तो होना
ये समय का उपयोग करो ना
पूरा समय भारत की सेवा में दे रहे
उन डॉक्टर्स,पुलिस , वैज्ञानिक के बारे में भी सोचो ना
जो दिन रात लगे हुए है देश की नागरिकों को बचाने में
करना ही है क्या हम लोगो को मास्क का उपयोग ,हैंडवाश,सैनिटाइजर का उपयोग और सामाजिक दूरी बस ।
ये सब करो ना और कोरोना से बचो ना।।
Jyoti burnwal


Subscribe this author


SAHUBLANKPAGES.INSWATIJYOTI
JYOTI

By Jyoti Burnwal

My life my rule Feelingexpressedinpoetry

5 thought on “Sangharsh”
  1. It is a very beautiful poem, keep writing like this and keep the whole society moving towards a new direction।God bless u

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

 
       
About US | Contact US | Disclaimer | Terms of Service  | Privacy Policy | Sitemap | Forum | Members | Message 

CopyrightⒸ2020 | BLANKPAGES.IN, All Rights Reserved