नारी हूं मैं, शक्ति का नाम मिला
पूजे जाने का वरदान भी मिला
पर क्या समाज में सम्मान मिला ?
बराबरी की सब बात करते हैं
फिर क्यों 18 वर्ष की आयु में ही शादी की बात करते हैं ?
नारी से ही सारी सृष्टि है, सभी मानते हैं
फिर पहला संतान लड़का हो ,यही दुआ क्यों मांगते हैं ?
घर से बाहर निकल कर अपनी पहचान बनाओ
फिर क्यों बलात्कार जैसी घटनाओं से उसके कदम रोके जाते हैं ?
कहते हैं दो घर हैं , नारियों के
फिर क्यों दोनों घर में वह परायी है ?
प्रश्न अब यह उठता है
क्या सचमुच इस समाज में ‘ नारी एक शक्ति है ‘ का मान मिला ?


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CHANDRA

By CHANDRA

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