भारत का इस ”आत्मनिर्भर” शब्द से बहुत पुराना नाता है । इस शब्द का पहली बार सन् 1905 में इस्तमाल किया था । जिसमें नेताओं ने अपनी जनता से अपील की थी। कि वह अपने देश में बनी वस्तुओं का इस्तेमाल करें । इस आंदोलन के द्वारा भारतीयों से विदेशी माल का बहिष्करण और स्वदेशी माल को अंगीकार कर राष्ट्रीय शिक्षा एवं सत्याग्रह के महत्व को बढ़ावा देना था। इसके बाद चौथी पंचवर्षीय योजना(1964-1974) में इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान भी आत्मनिर्भर पर बल दिया गया था ।

प्रस्तावना:- आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई 2020 को कोरोना संकट  काल के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए की थी। इस अभियान के द्वारा भारत में लोगों को कामकाज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और यह ‘प्रयत्न’ किया जाएगा कि अगले कुछ सालों में भारत अपनी जरूरतों की अधिकतर वस्तु अपने देश में ही तैयार करें अर्थात् आत्मनिर्भर बन जाए। इसलिए अभियान का नाम आत्मनिर्भर अभियान रखा गया है

”भारत को पुनः विश्वगुरु बनाना है

स्वदेशी को अपनाना हैं।”

आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य:- इस अभियान के तहत लोगों में जागरूकता आएगी और लाभार्थी को आर्थिक मदद दी जाएगी। जिससे कि गरीब लोगों किसी के आगे झुकना ना पड़े। इस योजना का उद्देश्य है कि लॉकडाउन के कारण जितने भी मजदूर और किसान को इस संकट काल में नुकसान हुआ है। उनकी भरपाई की जाएगी और उन्हें लाभ पहुंचाया जाएगा। जो भी लाभार्थी इस योजना में आवेदन करेगा। केंद्र सरकार द्वारा उनके खाते में राशि पहुंचाई जाएगी। इस अभियान के अंतर्गत की गई घोषणाएं है कि तीन लाख करोड़ के गरंटी फ्री लोन  दी जाएगी। एक साल तक ईएमआई चुकाने से मिली राहत ,और 45 लाख ईमएसएमई को फायदा मिलेगा ।एक  करोड़ रुपया 70 लाख रूपया प्रधानमंत्री इस योजना के तहत गरीबों को दिया जाएगा ।इंश्योरेंस कवर -जो स्वास्थ्य कर्मी और पुलिस कोरोना कमांडोज की तरह इस कोरोना वायरस से देश के लिए लड़ रहे थे।उन स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष लाभ दिया जाएगा।इस योजना के तहत यदि किसी स्वास्थ्य कर्मी कि इस कोरोना वायरस से लड़ाई के दौरान जान चली जाती है तो उस स्वास्थ्य कर्मी के परिवार को 50 लाख रुपया दिया जाएगा।

”भारत की हो अपनी मान

यही है आत्मनिर्भर होने की पहचान ।”

आत्मनिर्भर भारत अभियान का महत्व:- भारत अभियान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोरोना संकट का सामना करने के लिए सरकार दिन-प्रतिदिन कुछ ना कुछ योजना का शुभारंभ करती है ताकि हमारा देश विकास की ओर बढ़े और विभिन्न वर्गों को एक साथ जोड़ा जाए और देश को विकास की एक गति मिल सके यह प्रधानमंत्री मोदी राहत पैकेज देश के गरीब श्रमिक नागरिकों के लिए है जो कार्य करके देश के विकास में मदद करते हैं यह अनुभव किया गया है कि संकट की स्थिति में स्थानीय आर्थिक गतिविधियां ही देश को बचाती है और उसे सशक्त बनाती हैं।

”लोकल पर वोकल होवे।”

आत्मनिर्भर भारत का संकल्प:- भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए ,इस पैकेज में भूमि,तरलता ,मजदूर और कानून सभी पर जोर दिया गया है। यह आर्थिक पैकेज देश के उन श्रमिकों के लिए है जो हर स्थिति ,हर मौसम में देशवासियों के लिए परिश्रम करते हैं ।यह आर्थिक राहत हमारे देश के मध्यवर्ग के लिए है जो इमानदारी के साथ कर देता है। इस योजना के अंतर्गत लघु कुटीर उद्योग ,मजदूर ,किसान आदि पर विशेष ध्यान दिया गया हैं। और उन्हें आजीविका के लिए आम कहे साधन प्राप्त होंगे ।

”स्वदेशी को अपनाना है

भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।”

उपसंहार /निष्कर्ष :-समय ने हमे सिखाया है कि लोकल को हमे अपना जीवन मंत्र बनाना ही होगा । 21 वी सदी . भारत की सदी बनाने का हमारा दायित्व , आत्मनिर्भर भारत के प्रण से ही पूरा होगा। हमे अपना हौसला बुलंद रखना होगा , हम ये कर सकते है। हम आत्मनिर्भर भारत बन सकते है । हम आत्मनिर्भर भारत बना सकते है ।

”स्वदेशी उत्पादकों को अपनाओ

भारत को आत्मनिर्भर बनाओ।”

आत्मनिर्भर भारत योजना से लाभ उठाएं:-आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना में आवेदन करने के लिए आपको अपना ईपीएफ खोलना होगा। स्कीम के तहत संगठित क्षेत्र में रोजगार देने पर बल दिया जायेगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को कर्मचारी भविष्य निधि से जोड़ा जायेगा। योजना का लाभ वही ले सकते हैं जो EPFO के अंतर्गत रजिस्टर्ड होंगे। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को 30 जून 2021 तक चलाया जायेगा। यदि आप EPFO में रजिस्टर्ड नहीं हैं तो आप योजना का लाभ लेने के पात्र नहीं हो सकते हैं। इसके साथ ही योजना में शामिल वही सब कंपनियां जहां 1000 से कम कर्मचारी हैं उन कर्मचारी के हिस्से का 12 प्रतिशत तथा 12 प्रतिशत नौकरी देने वाले को सरकार 24 प्रतिशत योगदान देगी। और जहां 1 हजार से अधिक कर्मचारी है वहां 12 % केंद्र सरकार अपना सहयोग देगी।

आत्मनिर्भर भारत योजनाा की ऑफििशयल वेबसाइट लांच कर दी गई है। जिसमें आप सबसेे पहले aatmanirbharbharat.my gov.in वेबसाइट को खोलना है ।उसमें आपको फॉर्म में अपना नाम ,मोबाइल नंबर, ई-मेल,जन्मतिथि, और लिंग को भरना है। इसके बाद आपको समिट करना है। इस पेज में आपके द्वारा किए गए रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। जिसमें आपको ओटीपी दर्ज करना होगा। ओटीपी दर्ज करते ही आपका मोबाइल नंबर का सत्यापन हो जाएगा ।आपके द्वारा दिए गए ई-मेल पर आपको पासवर्ड आ जाएगा। इस प्रकार आपका रजिस्टर पूरा हो जाएगा।

 

 

 

 

 


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Amrita Choudhary

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