वाह रे राजनीति
क्या हाल किया देश का
जो कलयुग का समय नहीं कर सकी ,
वह काल बन गये तुम देश का ।

कैसा यह समय आया है
जिसने सभी का जीवन बेहाल बनाया है ,
सोचा था ये महामारी सबको
एकता का पाठ पढ़ाएगी लेकिन,
ये राजनीति कैसी है जिसने सिर्फ,
देश में धार्मिक विषमता ही बढ़ायी है ।

वाह रे राजनीति
सपने तो तुमने हवाओं में उड़ने का दिया
लेकिन तुमने तो मीलों चलने को मजबूर कर दिया,
रोते , बिलखते,कुचले जाते आज भी मजदूर ही रह गये।
अमीरों का क्या है वो तो हवाई जहाज में बैठ कर अपने घर को चले गए,
गरीब तो आज भी सड़कों पर अपने घर जाने के लिए तरसते रह गए।

वाह रे राजनीति
काश तुमने ऐसी व्यवस्था की होती तो,
आज सड़कों पर लाशें नहीं बिछी होती ।
सब ने अगर अपनी अपनी पार्टी का ना सोचकर
देश का हित समझकर मिलकर काम किया होता,
तो आज ये हाल ना हुआ होता देश का
पार्टी पार्टी कह कर बेहाल कर गए देश को
और अब भी पूछते हो क्या नुकसान हुआ देश को।


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SAHUSWATINehaBabitabind
9 thought on “राजनीति”

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